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सामाजिक दुर्भाग्य



जब आप समाज के उस हिस्से का भाग हो जिसमे अभी भी महिलाओं को अलग नजर से देखा जाता है तो उस समाज में देश प्रेम को ढूंढ पाना, सच में ये एक मुश्किल काम हो जाता है । क्या सिर्फ भारत देश में पैदा हो जाना ही देश प्रेम का सबूत है? तो इस हिसाब से लड़कियों पर एसिड फेकने वाला भी देश प्रेमी है और चंद पैसों के लिए देश से गद्दारी करने वाले भी देश प्रेमी है।

अगर आज आपको कारगिल दिवस की जानकारी सोशल मीडिया से मिल रही है तो ये सच में भयवाह है। अगर आपको दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का इतिहास नही पता तो ये सच में दुर्भाग्य है।

हम नए नए कल्चर को तो अपना रहे है लेकिन खुद का वजूद भूले जा रहे है हम अब 26 जनवरी और 15 अगस्त को एक छुट्टी के रूप माना रहे है लेकिन हमें याद रखना चाहिए था की इस दिन के लिए खून को पानी कि तरह बहाया गया ।

आज हमने बहुत लोगों की स्टोरी देखी, आज बाबा भोले का दिन है अच्छी बात है की आप एक धार्मिक इंसान है जो भगवान मे अपनी आस्था रखते है। हम बिल्कुल इसके खिलाफ नही है

लेकिन हमें ये भी तो याद रखना चाहिए कि देश के कुछ लोग आज के दिन हाथ में बंदूक और सिर पर कफन बांध कर निकले थे जो कभी वापस नहीं आए, आज भी उनकी पत्नी घर के दरवाजे पर उनका इंतजार करती है जो बच्चे उस वक्त 2 साल के थे आज वो 23 साल के हो गए, और उनका भी सपना अपने पापा जैसा बनना है ।

हमारा कहने का मतलब बिल्कुल ये नही है की आपके शरीर पर वर्दी हो, लेकिन आदर उनका हक है और उनको सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी।🙏

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